मुक्केबाज़ी
पेरोल ही फ़ेडरेशन है: 214 पदक, 131 सरकारी नौकरी और एक सीज़न जिसकी कोई तारीख़ नहीं2026-10-25पिछले नवंबर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तारीख़ें तीसरी बार आगे खिसकीं। उस...
49 किलो की ख़ामोशी: भारतीय मुक्केबाज़ी में एक वज़न श्रेणी कैसे मिटती है, और पदक तालिका क्यों चुप रहती है2026-10-25दिसंबर 2026 में भिवानी के एक 49 किलोग्राम मुक्केबाज़ को यह ख़बर मुझसे मिली कि...
किलो बदलते रहते हैं, करियर नहीं: मुक्केबाज़ी की नई श्रेणियाँ और भारत का खाली कैलेंडर2026-10-25एथलेटिक्स में दूरी पर कभी मतदान नहीं होता। 1896 से 100 मीटर 100 मीटर ही है; क...
पेरिस का बहीखाता: छह कोटा, शून्य पदक, और वह अंकगणित जो बीएफआई ने अभी तक नहीं मिलाया2026-10-25अगस्त 2026, पेरिस। पुरुषों का 71 किलो क्वार्टरफाइनल। निशांत देव तीसरे राउंड म...
किलो बदलते रहते हैं, करियर नहीं: मुक्केबाज़ी की नई श्रेणियाँ और भारत का खाली कैलेंडरएथलेटिक्स में दूरी पर कभी मतदान नहीं होता। 1896 से 100 मीटर 100 मीटर ही है; क...
पेरिस का बहीखाता: छह कोटा, शून्य पदक, और वह अंकगणित जो बीएफआई ने अभी तक नहीं मिलायाअगस्त 2026, पेरिस। पुरुषों का 71 किलो क्वार्टरफाइनल। निशांत देव तीसरे राउंड म...
हर चक्र में एक पुरुष भार वर्ग कम: LA28 की 6+6 श्रेणियाँ और भारतीय मुक्केबाज़ी का बेमेल हिसाबपेरिस ओलिंपिक की 71 किलोग्राम बाउट शीट पर निशांत देव का नाम आख़िरी भारतीय पुर...
पेरोल ही फ़ेडरेशन है: 214 पदक, 131 सरकारी नौकरी और एक सीज़न जिसकी कोई तारीख़ नहींपिछले नवंबर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तारीख़ें तीसरी बार आगे खिसकीं। उस...
रजिस्टर में दर्ज हार: भारतीय मुक्केबाज़ी का वो सीज़न जिसे कोई नहीं गिनतापटियाला के एसएआई परिसर में उस सुबह तराज़ू ठीक चल रहा था। दिक़्क़त काग़ज़ की थ...
वज़न वर्ग का फेरबदल और भारतीय मुक्केबाज़ी की ख़ामोश अर्थव्यवस्थाइंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम के पीछे वाले हॉल में सुबह 7:40 बजे वज़न कांटा लगा...
49 किलो की ख़ामोशी: भारतीय मुक्केबाज़ी में एक वज़न श्रेणी कैसे मिटती है, और पदक तालिका क्यों चुप रहती हैदिसंबर 2026 में भिवानी के एक 49 किलोग्राम मुक्केबाज़ को यह ख़बर मुझसे मिली कि...
जब क्वोटा कहानी का अंत नहीं, बीच हो: लिवरपूल से पटियाला तक भारतीय मुक्केबाज़ी की अगली लड़ाईलिवरपूल के एम एंड एस बैंक एरेना में सितंबर की उस शाम पदक समारोह के बाद सबसे...
किलो का खाता और तनख्वाह का सच: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली चयन ट्रायलपटियाला के एनआईएस परिसर की दूसरी मंज़िल पर एक हॉल है, जिसकी दीवार पर सफ़ेद...
